ककराना गांव का इतिहास 1000 साल पुराना है| गांव में सबसे पहले कात जाति के लोग रहते थे बाद में यहाँ पर गुजर आ गए जिन्होंने कात जाति के लोगों को मारकर भगा दिया| More »

ककराना गांव का इतिहास 1000 साल पुराना है| गांव में सबसे पहले कात जाति के लोग रहते थे बाद में यहाँ पर गुजर आ गए जिन्होंने कात जाति के लोगों को मारकर भगा दिया| More »

ककराना गांव का इतिहास 1000 साल पुराना है| गांव में सबसे पहले कात जाति के लोग रहते थे बाद में यहाँ पर गुजर आ गए जिन्होंने कात जाति के लोगों को मारकर भगा दिया| More »

 

ककराना गांव का इतिहास

ककराना गांव का इतिहास 1000 साल पुराना है| गांव में सबसे पहले कात जाति के लोग रहते थे बाद में यहाँ पर गुजर आ गए जिन्होंने कात जाति के लोगों को मारकर भगा दिया| उनमें से एक परिवार यहाँ से बचकर निकल गया| जिनका लड़का यहाँ की रियासत का सेनापति बन गया और उस ने दोबारा अपने गांव पर कब्ज़ा कर लिया| बाद में इस गांव में माडोदी गांव से दो परिवार आये उनके नाम लक्ष्मण और भगाना थे| उन्ही के नाम पर लालपरा और भानान पान्ने बने| जो की ब्राह्मण जाति से सम्बन्ध रखते हैं| गांव के एक व्यक्ति कर्नल थे, जो रिटायर हो चुके हैं|